Tuesday, 4 July 2017

लड़कों की भी विदाई होती है जनाब

लड़कियों के घर छोड़ने पर दुनिया बड़ी बड़ी बातें करती है .प्यार लुटाया जाता है इमोशन का सैलाब आता है .मुझे उससे कोई शिकायत भी नहीं है क्योंकि ये लगाव की वजह से होता है और सबके साथ होता है ,मेरे साथ भी. लेकिन लड़के भी घर छोड़ कर जाते हैं जनाब बल्कि लड़के तो जल्दी घर छोड़ देते हैं क्योंकि पढ़ाई का बीड़ा और बाद में घर संभालने की जिम्मेदारी की वजह से अच्छी नौकरी का प्रेशर..लेकिन उस मां से पूछो जिसने पैदा होने के बाद कभी सपने में भी अपने लाडले को अपने से दूर नहीं  जाने दिया , अपने बेटे को हर पल निहारने में उसे सुकून मिलता था. घर में रह कर बेटा अगर देर शाम कोचिंग से आने में लेट हो जाये तो मां को चैन नहीं आता था जब तक बेटा आ ना जाये. दादी के आंखों का तारा जो रोज उनके साथ सोता था और दुनिया भर की बातें करता था . बाबा जो रोज शाम को अपने पास बैठने को कहते थे.  पापा जो शाम को घर आते ही पूछते थे कि मेरा बेटा नजर नहीं आ रहा है.  उस बेटे को परिवार वाले ना चाहते हुये भी दिल पर पत्थर रखकर बाहर भेज देते हैं.  बेटा कुछ दिन शुरुआत के बहुत मुश्किल से गुजारता है और फिर परदेश में अपना दिल बहलाने की असफल कोशिश करने लगता है.  मैं गारंटी के साथ कह सकता हूं अगर लड़का बिगड़ा हुआ ना हो तो वो हमेशा अपने घर में अपने के बीच ही रहना चाहता है हमेशा.. और जो बिगड़े हुये भी है वो भी कभी कभी तो जरूर बेचैन होते होंगे अपनों के लिये. मुझे याद है कि जब मैं गया था पहली बार घर से बाहर पढ़ने कि लिये तो दादी जाते टाइम अपने आंसू पोछते हुये  खूब प्यार करती थी.  मेरी मां छुप छुप कर रोती थी. पापा अपने आप को जबरदस्ती सख्त दिखाते थे.  और मैं इस वजह से कभी पीछे मुड़कर नहीं देखता था जाते टाइम की अगर घर वालों को देख लिया तो जिन आंसुओं पर मुश्किल से कंट्रोल करके रखा है वो निकल जा़येंगे और मैं कमजोर पड़ जाऊंगा . आज मैं अपने आप को एक दशक से ज्यादा समय से बाहर रहते रहते कुछ  मजबूत कर पाया हूं . शायद घर वालों को भी अब आदत पड़ ही गई होगी मुझसे दूर रहने की.  लेकिन आज भी जब घर जाता हूं तो वापस आने का मन नहीं करता. अब मेरे छोटे भाई लोग बाहर जा रहे हैं अपने भविष्य के बोर्ड पर अपने दिमाग की चॉक से लिखने के लिये.. तो मुझे अपने दिन याद आ रहे हैं. उम्मीद भी उनके बेहतर करने की है और दुआ भी...
लेकिन एक अच्छी बात भी मैं अपने अनुभव से कह सकता हूं कि घऱ,प्यार,परिवार ,अपनापन, इमोशन सबके जिंदगी में बहुत मायने हैं लेकिन जिंदगी में आगे बढ़ने के लिये लड़कों को अपने आप को मजबूत करके लड़कियों की तरह घर से समय रहते विदा ले लेनी चाहिये..

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